आज रात, घर में अकेले, भाभी को एक अजीब एहसास हुई। उनके मन में एक प्यास जाग उठी, जिसे वह कई दिनों से महसूस कर रही थीं। देवर का चेहरा उनकी आँखों में घूम रहा था।
फिर, दरवाजा खुला और देवर अंदर आया। उसकी नजरें भाभी पर पड़ीं और दोनों के बीच बिजली सी दौड़ गई। यह रात कुछ खास होने वाली थी।
देखते ही देखते, देवर ने भाभी की गांड में अपना लंड पेल दिया। दोनों की आहें कमरे में गूंज उठीं, इस रात को और खास बना रही थीं। यह देवर भाभी की चुदाई का सबसे बेहतरीन पल था। 
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